Aakhiri Note-1

One of the best Hindi Short Stories I’ve read in a long, long time….by my darling sis’…please do read!

Anonymous me

कहने को तो वो जुलाई की भरी दोपहरी थी पर अंधेरा इतना था की हाथ को हाथ न सूझे। ४८ घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने चारों ओर स्याह रंग की परत चढ़ा रखी थी। बादलो की गरज और बिजली की चमक ,वर्षा के “टैप-डाँस ” से ताल से ताल मिला के अद्भुत समां बांध रही थी, शायद तीनों की कोई प्रतियोगिता प्रवर्तमान थी । तीनो में से कोई भी पराजय स्वीकार करने को तैयार नही था। जगह-जगह सड़कों पे पानी से भर आये गढ्ढों ने छोटे -छोटे तालाबो को जन्म दे दिया था।

बबलू के बाबूजी आज तीसरे दिन भी काम पे न जा पाये थे। घर पे अन्न का दाना भी न था। बबलू की माँ ने अपनी छोटी कोठरी का कोना कोना छान मारा ,आखिर में कपड़ों की तह के नीचे पड़ा मिला ये आखिरी दस का नोट।

“एक डबल रोटी ले आ और देख, पाणी…

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